भागलपुर में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। विभाजन के दौरान हुई मानवीय त्रासदी को याद करने और उस दौर में जान गंवाने वाले लोगों तथा स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करने के उद्देश्य से यह मार्च निकाला गया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को शांति, एकता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया गया।
कैंडल मार्च भागलपुर समाहरणालय परिसर से शुरू होकर तिलकामांझी चौक तक पहुंचा। मार्च में जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे भी कैंडल लेकर मार्च में शामिल हुईं। उनके साथ लोगों ने विभाजन के दौरान मारे गए लाखों लोगों की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
मार्च के दौरान पूरा माहौल भावुक नजर आया। हाथों में जलती कैंडल लिए लोगों ने विभाजन की विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले लोगों को याद किया। साथ ही स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें देश के इतिहास के उस दर्दनाक दौर की याद दिलाता है, जब विभाजन के कारण बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापन और हिंसा का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि यह दिन शहीद स्वतंत्रता सेनानियों को याद करने और उनके बलिदान का स्मरण करने का भी अवसर है।
जिलाधिकारी ने कहा कि इतिहास से सीख लेकर समाज में शांति, एकता और भाईचारे की भावना को और मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और देश की एकता एवं अखंडता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
कैंडल मार्च के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि विभाजन की त्रासदी को केवल इतिहास के एक अध्याय के रूप में नहीं, बल्कि उससे मिलने वाली सीख के रूप में याद किया जाना चाहिए। आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ ही मजबूत और एकजुट समाज का निर्माण किया जा सकता है।
रिपोर्ट -बांका डेक्स राहुल



