बांका। अमरपुर विधानसभा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विधायक जयंत राज ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलकर जर्जर विद्युत तार बदलने के साथ-साथ परमानंदपुर पंचायत में नया पावर सब स्टेशन बनाने की मांग की है। विधायक ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्रों में क्षेत्र में बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करते हुए उनके समाधान की मांग की है।
विधायक ने बताया कि अमरपुर और शंभूगंज प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 12-13 वर्ष पूर्व ग्रामीण विद्युतीकरण के तहत एलटी एबी केबल 16 वर्ग एमएम के तार लगाए गए थे। लंबे समय से उपयोग के कारण ये तार अब काफी जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। बढ़ते विद्युत लोड के कारण कई जगह तार जलकर गिर जाते हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। उन्होंने वर्तमान विद्युत लोड को देखते हुए पुराने तारों की जगह उच्च क्षमता वाले तार लगाने की मांग की है।
इसके अलावा शंभूगंज प्रखंड में बिजली आपूर्ति की समस्या को दूर करने के लिए परमानंदपुर पंचायत में पावर सब स्टेशन स्थापित करने की मांग भी की गई है। विधायक के अनुसार, वर्तमान में शंभूगंज प्रखंड के पंचायत पौकरी एवं बैदपुर में पटवारा पावर सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति की जाती है। पटवारा पावर सब स्टेशन से पंचायत की दूरी करीब 20 किलोमीटर है।
पत्र में कहा गया है कि बरसात और आंधी-तूफान के दिनों में लंबी दूरी के कारण बिजली आपूर्ति अक्सर बाधित हो जाती है। इसके बाद खराबी की मरम्मत में दो से तीन दिन तक का समय लग जाता है। इससे आम लोगों के साथ-साथ किसानों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विधायक ने बताया कि पटवारा पावर सब स्टेशन से परमानंदपुर पंचायत की दूरी भी करीब 14 किलोमीटर है। ऐसे में परमानंदपुर पंचायत में नया पावर सब स्टेशन स्थापित होने से आसपास के कई पंचायतों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। मालडीह, भरतशीला, गुलनी कुशाहा, बैदपुर और पौकरी पंचायतों के लोगों को बिजली आपूर्ति में काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
विधायक जयंत राज ने मुख्यमंत्री से परमानंदपुर पंचायत में पावर सब स्टेशन निर्माण की स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। साथ ही क्षेत्र में बढ़ते विद्युत लोड को देखते हुए जर्जर एलटी एबी केबल को उच्च क्षमता वाले तार से बदलने की मांग की है। दोनों योजनाओं के पूरा होने से अमरपुर और शंभूगंज क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होने तथा ग्रामीणों को बार-बार होने वाली बिजली कटौती और तकनीकी खराबी से राहत मिलने की उम्मीद है।
