आस्था के सैलाब में डूबा बाबा भुवनेश्वर
सहरसा में सावन की तीसरी सोमवारी पर सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के चकभारो गांव स्थित बाबा भुवनेश्वर धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अहले सुबह से ही हजारों श्रद्धालु गंगाजल, दूध और बेलपत्र लेकर मंदिर पहुंचे और शिवलिंग पर जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि एवं मनोकामना की प्रार्थना की। पूरे दिन ‘हर-हर महादेव’ और बाबा भुवनेश्वर के जयकारों से धाम परिसर गूंजता रहा।
रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु मुंगेर के छर्रा पट्टी पहुंचे, जहां से गंगाजल लेकर रात में पैदल बाबा भुवनेश्वर धाम के लिए रवाना हुए। श्रद्धालु रास्ते भर जयकारे लगाते हुए सोमवार की सुबह शिवलिंग स्थल पहुंचे और विधि-विधान से जल अर्पित किया।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
धार्मिक न्यास समिति और ग्रामीणों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। रास्ते में रोशनी, शरबत, गर्म पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई। इससे दूर-दराज से पैदल पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिली।
सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने का सिलसिला जारी रहा। सावन की सोमवारी को लेकर धाम परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा।
शिवलिंग को लेकर है विशेष मान्यता
स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा भुवनेश्वर धाम की महिमा अपरंपार है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग की लंबाई में प्रत्येक वर्ष वृद्धि होती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा भुवनेश्वर की सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने पर मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन के महीने में यहां विशेष मेले का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
