रेनू शिक्षा निकेतन स्कूल उद्घाटन समारोह सह सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

बिहार के सहरसा नगर निगम क्षेत्र के कहरा बेल्हा टोल वार्ड नंबर 10 में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रेनू शिक्षा निकेतन स्कूल का उद्घाटन एवं सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर पूर्व सैनिक अशोक यादव, मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार गौरव, वार्ड पार्षद प्रमोद कुमार,चिल्ड्रन स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज मनोहर, सचिव रमेश कुमार, राजद महासचिव धनिक लाल मुखिया, डॉक्टर नवनीत कुमार, प्रमोद कुमार, राज किशोर गुप्ता व प्राचार्या ट्विंकल आनंद के द्वार दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों ने गीत संगीत एवं नाटक के माध्यम से अपने प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। संस्थापक इंजीनियर राजेश रंजन ने बताया कि मैट्रिक एवं इंटर बोर्ड परीक्षा में सर्वाधिक रिजल्ट देने वाला बलहा टोल बरियाही का अनुभवी संस्थान पार्थ आश्रम क्लासेस की सफलता के बाद रेनू शिक्षा निकेतन स्कूल का उद्घाटन किया गया है। इसमें प्ले से लेकर आठवीं कक्षा का सभी विषयों की संपूर्ण तैयारी अनुभवी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के द्वारा कराई जाती है। उन्होंने बताया कि कमजोर विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग बैच की सुविधा साप्ताहिक एवं मासिक जांच परीक्षा की उत्तम व्यवस्था संस्कार एवं अनुशासन की प्राथमिकता के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के कारण शत-प्रतिशत सफलता की गारंटी निश्चित है।उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में हॉस्टल की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिसके लिए नामांकन जारी है। उन्होंने कहा कि बीएसईबी एवं सीबीएसई पाठ्यक्रम पर आधारित बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान की जा रही है। इस मौके पर विद्यालय के चिल्ड्रन स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज मनोहर ने कहा कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित यह स्कूल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर शिक्षित किया जा रहा है। जो प्रशंसनीय है। मैं इस स्कूल के उत्तरोत्तर विकास की कामना करता हूं। वही महासचिव धनिक लाल मुखिया ने कहा कि शिक्षा समाज की अमूल्य धरोहर है। शिक्षित समाज के बिना सामाजिक समरसता असंभव है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर राजेश रंजन ने इस कोसी क्षेत्र के अभिभावकों की चिंता को दूर कर दिया है। स्थानीय स्तर पर उन्होंने शिक्षा के अलख को घर-घर तक पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों में अनुशासन एकता संस्कार कूट-कूट कर भरी है। वही इन बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए विद्यालय द्वारा अभूतपूर्व प्रयास किये जा रहे हैं।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles