बिहार विधानसभा की जिला परिषद एवं पंचायती राज समिति के सभापति सह कदवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक दुलाल चंद्र गोस्वामी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर उच्च शिक्षा एवं बी.एड. पाठ्यक्रम से संबंधित महत्वपूर्ण मांगों को उनके समक्ष रखा। विधायक श्री गोस्वामी ने मुख्यमंत्री को इस संबंध में पूर्व में दिए गए विस्तृत पत्र के माध्यम से भी अवगत कराया और छात्र-छात्राओं के व्यापक हित में आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया।
विधायक श्री गोस्वामी ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुख
रूप से “एक राज्य, एक समान शुल्क नीति” की भावना के अनुरूप बिहार में बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए समान, पारदर्शी एवं वहनीय शुल्क व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में बी.एड. पाठ्यक्रम की शुल्क व्यवस्था में काफी अंतर है।जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर एवं ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि पटना विश्वविद्यालय के अंगीभूत महाविद्यालयों में संचालित दो वर्षीय बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए BC/EBC/GEN वर्ग के विद्यार्थियों हेतु लगभग 24,000 तथा SC/ST एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए लगभग 9,000 शुल्क निर्धारित है। इसके विपरीत, पूर्णिया विश्वविद्यालय के अंतर्गत डी.एस. कॉलेज, कटिहार एवं फारबिसगंज कॉलेज, फारबिसगंज के स्ववित्तपोषित बी.एड. विभागों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को लगभग 1.50 लाख तक शुल्क का भार वहन करना पड़ रहा है। विधायक ने इस शुल्क अंतर को आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए गंभीर समस्या बताते हुए समान एवं वहनीय शुल्क व्यवस्था लागू करने का आग्रह किया।
श्री गोस्वामी ने कहा कि कटिहार, पूर्णिया, अररिया एवं किशनगंज सहित सीमांचल क्षेत्र के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। बी.एड. जैसी रोजगारपरक एवं शिक्षक बनने के लिए आवश्यक व्यावसायिक शिक्षा में अत्यधिक शुल्क के कारण अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने से वंचित हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में शुल्क में एकरूपता एवं वहनीयता सुनिश्चित करना सामाजिक न्याय तथा शिक्षा के समान अवसर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।
विधायक ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया कि पटना विश्वविद्यालय के अंगीभूत महाविद्यालयों में लागू विद्यार्थी हितैषी शुल्क व्यवस्था के अनुरूप पूरे बिहार में बी.एड. पाठ्यक्रम के लिए समान एवं वहनीय शुल्क नीति निर्धारित करने की दिशा में आवश्यक निर्णय लिया जाए, ताकि राज्य के सभी वर्गों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर मिल सके।
रिपोर्ट -प्रवीण कुमार,कटिहार।
